Saturday, October 4, 2008

ताई का अपहरण

बड़ी फिक्र में पडा ताऊ 
क्योंकि कल दिन दहाड़े
क्लब के सामने वाली सड़क पर 
ताई का अपहरण हो गया !

एक संदेश आया  
बीस लाख रुपये २४ घंटे में 
भूतमहल वाली पहाडी की तलहटी में 
शिव-मन्दिर के पीछे रख दिए जाएँ ! 

यह रकम हम ख़ुद ही आकर 
संभाल लेंगे 
और ऐसा नही किया तो 
ताई को वापस भेज देंगे !

तू कैसे रहता है  इसके साथ ?
क्या तू कोई जट्ट है ?
अरे ये तो बात करने के पहले ही 
मारती चार लट्ठ है !

 
(नोट : ताऊ रामपुरिया के बारे में नही है !)





 

 







15 comments:

राज भाटिय़ा said...

भाई अगर यह हमारे वाली ताई नही(ताऊ राम पुरिया की) तो २० लाख की जगह उन्हे ४० लाख देदो साथ मे ताई मुफ़्त मे....:)
धन्यवाद

ताऊ रामपुरिया said...

तू कैसे रहता है इसके साथ ?
क्या तू कोई जट्ट है ?
अरे ये तो बात करने के पहले ही
मारती चार लट्ठ है !


बहुत अच्छा लिखा है भाई तिवारी साहब ! सलाम आपको !

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

1. तू कैसे रहता है इसके साथ ?
क्या तू कोई जट्ट है ?
अरे ये तो बात करने के पहले ही
मारती चार लट्ठ है !

2. नोट : ताऊ रामपुरिया के बारे में नही है

जानदार कविता और ज़ोरदार स्पष्टीकरण, मान गए आपको तिवारी साहब!

Udan Tashtari said...

नीचे नोट पढ़कर तसल्ली भई-वरना तो ताऊ की याद कर आँख भर आई थी.

योगेन्द्र मौदगिल said...

वाह जी तिवारी साहब..
ताई बीस लाख की..
अर ताऊ टके का..
फिर तो ताई वहीं ठीक सै..
कम तै कम मूल्यांकन तो हुआ......

भूतनाथ said...

हां...हां...हां... तिवारी साहब आप भी ताऊ के मजे लेलो ! आपके यहाँ रह कर आपके सारे राज जान चुका हूँ ! अब मेरा भी ब्लॉग है !
आपकी भी सारी पोल खोल दूँगा !

makrand said...

tau bhatia ji ka blog khul nahi raha hey
tai ka patta to chal jayega

regards

अनूप शुक्ल said...

जिससे डरे ताऊ, उससे कौन न डरे भाई!

जगदीश त्रिपाठी said...

ताई के अपहरण में, बंधु आपका हाथ
हमने छापी थी खबर,लेकर फोटो साथ
लेकर फोटो साथ,ठाढ़ पछताय तिवारी
ताई का किडनैप , बड़ी गलती थी म्हारी

venus kesari said...

हम तो घबरा ही गए :):)
वीनस केसरी

seema gupta said...

ha ha ha bhut khub vaise bhee accha hai aapne tau rampureya ke bary mey nahee likha hai aaj kul unhone bhee dkaitee shuru kr dee hai, to bch kr rehna hee shaee hai...

regards

डॉ आदित्य शुक्ल said...

Bhai vah....
Tiwari ji maza aa gaya

अशोक पाण्डेय said...

जब ताई के लट्ठ से अपहरणकर्ताओं का यह हाल है तो ताऊ का लट्ठ पड़ेगा तो उनपर क्‍या गुजरेगी..लेकिन ये ताऊ क्‍यों फिक्र में हैं..अरे भाई फिक्र तो उन कमबख्‍त अपहरण करनेवालों को होनी चाहिए :)

सौरभ पंडित said...

लाचार हैं साहब तिवारी
सोचते हैं कैसे पटाया होगा ताऊ ने
इस ताई को
जब यह रही होगी कुंवारी

Dev said...

तू कैसे रहता है इसके साथ ?
क्या तू कोई जट्ट है ?
अरे ये तो बात करने के पहले ही
मारती चार लट्ठ है !

Maja aa gaya sir ji....
Nice...Keep writting...