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Thursday, August 21, 2008

आदाब अर्ज है !

उसने दी जिन्दगी तो जी मैंने !

उसने लिखा पी, तो पी मैंने !!

गर मैं ना पीता तो ,

उसका लिखा ग़लत ना हो जाता !

उसके लिखे को निभाया ,


क्या खता की मैंने ?